यमुना सफाई एक अच्छी शुरूआत

Updated: May 31, 2025
दिल्ली के मुख्यमंत्री आम आदमी पार्टी के सर्वेसर्वा अरविन्द केजरीवाल के दिल्ली में यमुना की सफाई को लेकर अपनी सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाते हुये यमुना के कुड़सिया घाट पर यमुना आरती आयोजन किया और एक भव्य समारोह में यमुना की सफाई के लिये 3600 करोड़ रूपये खर्च करने का ऐलान किया। मेरी निजी राय जाने तो अरविंद केजरीवाल द्वारा किया गया यह पहला अच्छा कदम है जिसमें राजनीति की बदबू कम व जनसेवा की ज्यादा खूशबू आ रही है। संदेह सिर्फ इस बात पर है कि केजरीवाल इस काम को कितनी ईमानदारी व सत्यनिष्ठा से कर पायेंगे। क्योंकि यह कोई पहला मौका नहीं जो दिल्ली की सरकारों ने दिल्ली में यमुना सफाई का संकल्प न लिया हो और बड़े-बड़े बजट सफाई में न रखे हों।
एक जानकारी के अनुसार पिछले 19 सालों में अन्य सरकारों द्वारा यमुना सफाई में 6500 करोड़ रूपया खर्च किया जा चुका है और यह पैसा यमुना को कितना साफ कर पाया यह बताने की आवश्यकता नहीं। हालांकि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा जस्टिस उषा मेहरा की अध्यक्षता में एक हाई पावर निगरानी कमेटी भी बनायी थी जो केवल यमुना सफाई के लिये ही बनायी गयी थी। इन सब प्रयासों के नतीजे हमारे सामने हैं। इससे पहले भी चाहे वह साहेब सिंह वर्मा की सरकार रही हो या शीला दीक्षित की, सभी ने यमुना की सफाई को लेकर अपनी संवेदनशीलता दिखाई व हजारों करोड़ रूपये यमुना में सफाई के नाम पर बहा दिये गये और यमुना की कितनी सफाई हई यह सभी देशवासी जानते हैं लेकिन न जाने क्यों अरविंद केजरीवाल से यह उम्मीद है कि वह इस कार्य को राजनीति से ऊपर उठकर एक जीवनभर के माइलस्टोन की तरह से करेंगे। मेरा मानना है कि यमुना सफाई में निजी कंपनियों का सहारा लेकर उनको कुछ योजनाऐं बी ओ टी के आधार पर भी दी जा सकती हैं। दिल्ली में लगभग 23 कि.मी. की यमुना बहती है, जिसकी सफाई कोई असंभव कार्य नहीं है।यदि समयबद्ध तरीके से यह काम हो और केजरीवाल सरकार अपने कार्यकाल में ही इसे पूरा करें तो यह पूरे देश में केजरीवाल सरकार की एक बड़ी उपलब्धि मानी जायेगी और यमुना के साफ होने के बाद दिल्ली सरकार के लिये रेवन्यू प्राप्त करने का एक बहुत बड़ा साधन भी बन सकता हैै और पर्यटन के द्वारा भी दुनिया भर के सैलानियों को आकर्षित करके सरकार आय का जरिया भी बना सकती है। केजरीवाल को इस योजना के लिये केन्द्र सरकार से समन्वय स्थापित करने के लिये निर्धारित समय जो कि 36 महीने का रखा गया है, पूरा करना होगा। सफाई की योजना की तरह एम सी डी व केन्द्र सरकार के झगड़े में न फंसे। क्योंकि यह सही समय है जब देश में नदियों की सफाई के लिये खास कर गंगा की सफाई के लिये नमामि गंगे की योजना चल रही है, 29000 करोड़ रूपये सरकार ने नमामि गंगे योजना में लगाने का विचार बनाया है। मैं तो कहूंगा कि यदि दिल्ली सरकार के साथ यू.पी. सरकार भी यमुना की सफाई के लिये वचनबद्ध हो जाये तो आप कल्पना कीजिये कि लाल किले से ताजमहल तक सैलानियों को फेरी के माध्यम से लाया व ले जाया जाये, हम और आप कल्पना भी नहीं कर सकते कि सरकार को कितना रेवन्यू इस माध्यम से प्राप्त होगा और हम इस संसाधन का पूर्ण इस्तेमाल कर सकते हैं।
इस बात को सुनिश्चित करना होगा तभी जाकर यह योजना पूरी हो पायेगी। जहां तक सवाल है धन का, यमुना की सफाई में निजी कम्पनियों व धार्मिक संस्थानों द्वारा धन की कमी नहीं होने दी जायेगी। ऐसा भी मुझे लगता है यदि धरातल पर कुछ कार्य होता दिखेगा तो साथ में जुड़ने में मदद करने वाले लोगों की कमी नहीं होगी। मैं तो परमपिता परमेश्वर से यही प्रार्थना करूंगा कि परमात्मा केजरीवाल को सद्बुद्धि दें और वह इस कार्य को पूर्ण करें।




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