“मालवीय नगर कांड” सदा हादसों का इंतजार क्यों करता है प्रशासन
कल दिनांक 3 जून को दिल्ली में एक दिल दहलाने वाला हादसा हुआ I मालवीय नगर स्थित एक गैरकानूनी होटल में लगी आग में 21 लोग जिंदा दफन हो गए और लगभग इतने ही लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं I स्थानीय , राष्ट्रीय और सोशल मीडिया इस खबर को जोर-शोर से प्रचारित कर रहा है , और तब तक करता रहेगा जब तक कोई इससे बड़ी खबर नहीं आ जाती I क्योंकि मीडिया में बड़ी खबर छोटी खबर को खा जाती है I लेकिन क्या जिन घरों के चिराग बुझ गए वह चिराग वापस आ जाए जाएंगे I एक परिवार तो ऐसा था जिसके पांच लोग मर गए शायद परिवार के पास अंतिम संस्कार करने वाला भी कोई ना बचा हो I आपको याद होगा पिछले वर्ष दिल्ली में भयंकर बारिश के दौरान राजेंद्र नगर क्षेत्र में एक गैर कानूनी रूप से चल रहे पी. जी. के बेसमेंट में पानी भर गया और छह उन युवाओं की मौके पर ही मौत हो गयी जो यू.पी.एस.सी. की परीक्षा की कोचिंग के लिए दिल्ली आये हुए थे I
कुछ दिनों के लिए अधिकारी लोग सारे गेस्ट हाउस में छापामारी शुरू कर देंगे I फाइल की NOC मांगेंगे , MCD से सम्बंधित लाइसेंस मांगेंगे ,उसको सील करेंगे, कुछ के खिलाफ कार्यवाही करेंगे और कुछ समय बाद सब कुछ पहले जैसा सामान्य हो जाएगा I आए दिन हमारे चारों तरफ ऐसी अनेकों घटनाएं होती हैं जिसमें प्रशासन की लापरवाही का फायदा उठाकर लोग कानून की धज्जियां उड़ाते हैं और प्रशासन तब तक आंख बंद करके रहता है जब तक कोई हादसा ना हो जाए I लगभग 1 साल पहले हरियाणा के महेंद्रगढ़ में एक स्कूल के बस ड्राइवर ने नशे में चूर होकर सुबह-सुबह स्कूल की बस चलाई और नतीजा हुआ कि मासूम स्कूल के बच्चों को अपने जीवन से हाथ धोना पड़ा I प्रशासन हरकत में आ गया व सभी स्कूल बसों की जांच शुरू कर दी गई I खामियां पाने वालों के खिलाफ कार्यवाही शुरू कर दी गयी और लंबी चौड़ी एडवाइजरी जारी की गई I
मालवीय नगर की घटना कोई अनूठी और पहली घटना नहीं है I दिल्ली में इस प्रकार के बहुत से क्लस्टर बने हुए हैं जहां पर देश के विभिन्न क्षेत्रों से विद्यार्थी पढ़ने आते हैं I कुछ कोचिंग करने आते हैं या दिल्ली के बड़े अस्पतालों में जो लोग इलाज करवाने आते हैं उनके सगे सम्बन्धी या रिश्तेदार उनके साथ आते हैं I मालवीय नगर, लाडो सराय, बेगूसराय, महिपालपुर, रंगपुरी ,न्यू राजेंद्र नगर, ओल्ड राजेंद्र नगर न जाने ऐसे अनेको क्षेत्र है जहां पर सभी नियमों को ताक पर रखकर इस प्रकार के गेस्ट हाउस बना दिए जाते हैं और इनमें सबसे ऊपर स्थान है पहाड़गंज का I नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के सामने से पहाड़गंज में इस प्रकार के अनाधिकृत गेस्ट हाउस में होटल की बाढ़ आई हुई है I और यदि मैं ऐसा बोलूं कि दिल्ली में होने वाले सभी प्रकार के क्राइम इन अनाधिकृत गेस्ट हाउस में होता है तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी I
क्या आपने गुड़गांव में कभी सुबह के समय छोटे बच्चों को मारुति ईको वैन में स्कूल जाते हुए देखा है I जिस वैन की क्षमता 7 सवारियों की होती है उस वैन में 18-20 बच्चों को भरकर स्कूल ले जाया जाता है I और राह में पढ़ने वाले यातायात पुलिस का स्टाफ मोबाइल और पीली बत्ती का चालान काट रहा होता है I इसी प्रकार गुड़गांव से धौला कुआं ,फरीदाबाद, बल्लभगढ़, नजफगढ़, धारूहेड़ा, रेवाड़ी ,बावल, सोहना इत्यादि अनेको गंतव्यों पर हज़ारो की तादाद में मारुति ईको वैन भरी होती है, जिनके पास किसी भी प्रकार का कोई व्यवसायिक लाइसेंस नहीं होता I इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि उनके होने से यात्री अपने गंतव्य स्थान पर पहुंच जाते हैं, अन्यथा सरकार की कोई सुविधा इनके गंतव्य स्थान तक नहीं है I आजकल एक और नया व्यापार चल रहा है रैपीडो टू व्हीलर का I उस पर बैठी सवारी या ड्राइवर का कोई Identification नहीं होता जो की अति आवश्यक है I इस संदर्भ में मैंने भी सरकार के पास बहुत से पत्र लिखे हैं लेकिन कार्यवाही कोई नहीं होती I गुड़गांव के चारों ओर डीजल के ऑटो रिक्शा का जाल फैला हुआ है जिसमें एक ऑटो रिक्शा में 15 से 18 तक सवारियां भरी होती है I यह सब बातें मैं इसलिए बता रहा हूं कि कोई भी अनियमितता प्रशासन को तब तक नहीं दिखाई देने वाली जब तक की कोई बड़ा हादसा ना हो जाए और उसमें कुछ लोगों की जान न चली जाए I
मालवीय नगर जैसे हादसे में जितना दोषी उसका मालिक है उससे ज्यादा दोषी MCD, DDA व फायर ब्रिगेड विभाग के अधिकारी हैं
I भारतीय दंड संहिता की जिन धाराओं के अंतर्गत होटल मालिक के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है वहीं संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज होना चाहिए अन्यथा ऐसे ही हादसे होते रहेंगे I दो-चार दिन खबर चर्चा का विषय बनेगी और प्रशासन फिर से एक नए हादसे के इंतज़ार में बैठा रहेगा I




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