राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण और मीडिया की जिम्मेदारी
पिछले कुछ दिनों से अयोध्या के राम मंदिर में आये चढ़ावे व् मंदिर निर्माण में मिले लोगो के दान में कथित रूप से भ्रष्टाचार व् चोरी की खबरें मीडिया में इस प्रकार से छाई हुई है , जाने हिन्दुस्तान पाकिस्तान की जंग छिड़ गयी हो और भारतीय मीडिया उसकी कवरेज कर रहा हो I मंदिर के चढ़ावे में चोरी इतनी घिनौनी हरकत है जिसको शब्दों में बयां करना असंभव है I चोरी के लिए दोषी लोगो को कानून के अनुसार जल्द से जल्द और कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए और यही उत्तरप्रदेश सरकार का उद्देश भी है तभी सरकार ने SIT का गठन किया और पूछताछ , गिरफ़्तारी , FIR सब कार्यवाही अपने अनुसार चलायी है I कुछ लोगो की गिरफ़्तारी हो चुकी है कुछ पर गिरफ़्तारी की तलवार लटक रही है I
इस सारे मामले को किसी भी सभ्य समाज में उचित नहीं ठहराया जा सकता I प्रभु श्री राम का मंदिर करोड़ो हिन्दुओं की आस्था का प्रतिक है उनकी आस्था से कभी भी खिलवाड़ नहीं होने देना चाहिए I परन्तु जिस प्रकार से इस मामले का राजनीतिकरण किया जा रहा है वो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है क्यूंकि ये राजनितिक दलों का किसी धर्म की संवेदनाओ से कोई लेना देना नहीं I यह तो हर प्रकरण को राजनीति के चश्मे से देखते हैं I इस प्रकार से प्रमुख विपक्षी दल इसका लाभ उठाकर अगले साल होने वाले उत्तरप्रदेश के चुनावों में वोट बैंको को अपनी और आकर्षित करना चाहते हैं I राजनितिक दलों की इस मंशा और कार्यवाही से कोई हैरानी की कोई बात नहीं हैं किन्तु असली हैरानी की बात हैं मीडिया की भूमिका I जिस मीडिया पर आज तक “गोदी” होने का आरोप लगता रहा हैं वो अचानक से इस प्रकरण को इतना ज्यादा महत्व क्यों दे रहा हैं I आज आप टीवी चैनल या कोई भी अखबार उठा कर देख ले सिवाय इस खबर के सुर्खियों में और कोई खबर नहीं हैं I मुझे इससे कहीं न कहीं बहुत बड़ी साज़िश की बू आ रही हैं I हिन्दुओं की आस्था से जितना बड़ा खिलवाड़ राम मंदिर चढ़ावे में चढ़ावा चोरो ने किया उससे बड़ा खिलवाड़ विपक्षी दल व् मीडिया के घराने कर रहे हैं I अभी कुछ समय पूर्व की एक घटना मुझे याद आई जिसमे तिरुपति बालाजी के प्रसाद में गौमाता की चर्बी मिले होने का प्रकरण सामने आया और यह भी याद आया कि उसको भी किस प्रकार राष्ट्रीय मीडिया ने मुख्य समाचार की तरह प्रसारित किया I जब कभी भी हिन्दू धर्म कि आस्था से खिलवाड़ की कोई घटना होती हैं मीडिया की भूमिका बहुत नकारात्मक होती हैं I लगभग 140 करोड़ के आबादी वाले इस देश में हिन्दू धर्म के अलावा और भी धर्मो के लोग स्वतंत्र रूप से अपने अपने धर्मो के प्रति आस्था रखते हैं I और वहां पर भी अलग अलग रूप से चंदे आदि का चलन है I पर आज तक कभी किसी अन्य धर्म की संस्थाओ में किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई और यदि पाई गई तो मुझे याद नहीं पड़ता कि राष्ट्रीय मीडिया ने उसको उजागर किया हो I तो फिर हिन्दुओं की भावनाओं से ही क्यों खेलता है मीडिया ? चाहे वो कोई धार्मिक संस्था हो , कोई संत हो, कोई बाबा हो , कोई पंत हो , कोई डेरा हो उसमें किसी प्रकार की अनियमितताओं को बढ़ा चढ़ा कर सनसनीखेज खबर बनाकर प्रस्तुत करना भारतीय मीडिया की आदत बन गई है I और सच कहूं तो हिंदुओं को अपने धर्म की और धार्मिक संस्थाओं की आलोचना में बहुत रुचि आती है I इस प्रकार के समाचारों का सभी हिंदुओं को बहिष्कार करना चाहिए I
जिन अपराधियों ने यह जनन्य अपराध किया है उनके खिलाफ कार्यवाही चल रही है और आगे और भी कार्रवाई होगी I हमें पूर्ण कार्यवाही का धैर्य के साथ इंतजार करना चाहिए और किसी को भी अपनी धार्मिक आस्थाओं के साथ खिलवाड़ करने का कोई भी मौका नहीं देना चाहिए I अन्यथा भारत का युवा जो पहले ही पाश्चात्य सभ्यता की ओर आकर्षित हो चुका है वह हिंदू धर्म से विमुख हो जाएगा I चंद लोगों के दुष्कर्म से करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्थाओं से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता I




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