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राष्ट्रीय स्वयंसेवा संघ - 100 वर्ष राष्ट्र को समर्पित

Sharad Goel
Sep 27, 2025
4 min read

27 सितंबर 2025 को स्वर्गीय डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा स्थापित हिंदुत्व की भावना से और अखंड भारत का सपना लिए एक संगठन की स्थापना की I आज यह संगठन विश्व भर में राष्ट्रीय स्वयं सेवा संघ के नाम से जाना जाता है और विश्व का सबसे बड़ा और गैर सरकारी संस्थान है जो देश में लगभग 100000 शाखाएं लगाता है I और 52000 स्थान पर शाखाएं लगती हैं जिसमें लगभग देश में 50 लाख स्वयंसेवक हैं और 80 देशों में शाखाएं लगाई जाती हैं  I वैचारिक रूप से संघ से जुड़े लोगों की संख्या करोड़ों में है I समाज के हर वर्ग को जोड़ने की के मकसद से 30 संगठनों के माध्यम से अपने उद्देश्यों की पूर्ति की ओर अग्रसर रहते हैं I यह निम्न प्रकार से है 1.भारतीय जनता पार्टी 2. विश्व हिंदू परिषद 3.अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद 4. भारतीय किसान संघ 5. भारतीय मजदूर संघ 6. राष्ट्रीय सेविका समिति 7. भारतीय विकास परिषद 8. विद्या भारती 9. बनवासी कल्याण आश्रम 10. संस्कार भारती 11. विज्ञान भारती 12.  शिक्षा भारती 13. उद्योग भारती 14. एकल विद्यालय 15.  क्रीड़ा भारती आदि अनेकों संगठनों के माध्यम से संघ राष्ट्र की सेवा में निरंतर अग्रसर हो रहा है I पिछले 10 सालों में संघ की विचारधारा के प्रचार प्रसार में अत्यंत बढ़ोतरी हुई है I संघ का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति निर्माण से राष्ट्रीय निर्माण है I संघ का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग, जाति,धर्म, क्षेत्र, थान और वर्ग को साथ लेकर चलना हैI  संघ की मुख्य रीड की हड्डी संघ के प्रचारक हैं जो अत्यंत साधारण जीवन व्यतीत करते हैं और जीवन भर राष्ट्र की सेवा में अपने को लगाए रखते हैं इसीलिए उनका कोई वैवाहिक जीवन नहीं होता I


हालांकि समाज का एक वर्ग संघ की विचारधारा से विरोध रखता है और संघ को राष्ट्र विरोधी संगठन कहता है I इसी कारण संघ को तीन बार प्रतिबंध का सामना करना पड़ा I आपातकाल में भी संघ पर प्रतिबंध लगा दिया गया था और संघ के सभी बड़े नेताओं को कारावास में डाल दिया गया था I  संघ वर्ष में 6 मुख्य त्योहारों का आयोजन करता है I संघ अपने स्वयं सेवकों को शिक्षण वर्ग के माध्यम से शिक्षित करता है  I यह वर्ग बौद्धिक और शारीरिक रूप से स्वयंसेवकों को संघ की जानकारी तो देते ही हैं साथ-साथ समाज,  राष्ट्र और धर्म की शिक्षा भी देते हैं I यह निम्न प्रकार के होते हैं:-


1. दीपावली वर्ग :-  यह वर्ग 3 दिनों का होता है I यह वर्ग तालुका या नगर स्तर पर आयोजित किया जाता है I  यह हर साल दीपावली के आसपास आयोजित होता है I


2. शीत शिविर :-  यह वर्ग 3 दिनों का होता है जो जिला या विभाग स्तर पर आयोजित किया जाता है I और हर साल दिसंबर में आयोजित होता है I


3. निवासी वर्ग:- यह वर्ग शाम से सुबह तक होता है I यह वर्ग हर महीने होता है यह  शाखा ,नगर या तालुका द्वारा आयोजित होता है I


4. बौद्धिक वर्ग :-  यह वर्ग हर महीने , 2 महीने या 3 महीने में एक बार होता है I यह वर्ग सामान्यतः नगर या तालुका द्वारा आयोजित होता है I


5. शारीरिक वर्ग :- यह वर्ग हर महीने,  दो महीने या 3 महीने में एक बार होता है I  यह वर्ग सामान्यतः नगर या तालुका द्वारा आयोजित करता है होता है I


6. संघ शिक्षा वर्ग:-  प्राथमिक वर्ग , प्रथम वर्ष ,द्वितीय वर्ष और तृतीय वर्ष कुल चार प्रकार के संघ शिक्षा वर्ग होते हैं I


(a) प्राथमिक वर्ग एक सप्ताह का होता है इस वर्ग का आयोजन सामान्यतः जिला करता है I


(b) प्रथम और द्वितीय वर्ग 20 दिन के होते हैं I इस वर्ग का आयोजन सामान्यतः प्रांत करता है I द्वितीय संघ शिक्षा वर्ग आयोजन सामान्यतः क्षेत्र करता है I


(c) तृतीय वर्ग 25 दोनों का होता है इसका आयोजन हर साल नागपुर में ही होता है I


इस पूरी पूरी प्रक्रिया में संघ मानव निर्माण और मानव उत्थान का कार्य करती है I इस बात से बिल्कुल भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि पिछले 10 वर्षों में संघ से पुराने जुड़े हुए जो लोग हैं उनका ऐसा मानना है कि संघ की कार्यशैली में परिवर्तन आया है और कुछ लोगों का तो यहां तक कहना है कि जिन उच्च आदर्शों की स्थापना के लिए संघ को अस्तित्व में लाया गया था उनमें कहीं ना कहीं बदलाव आया है और इस बदलाव से पुराने जुड़े हुए लोग सहमत नहीं है


 हालांकि संघ के अधिकारी यह मानते हैं कि बदलाव आधुनिकीकरण के लिए सही है और संघ की विचारधारा से आज की पीढ़ी को जोड़ने के लिए या आवश्यक भी है I फिर भी मेरा निजी तौर पर मानना है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवा संघ जैसी संस्था आज की युवा पीढ़ी में राष्ट्र के प्रति जागरूकता,  जिम्मेदारी और कर्तव्य की भावना को जागृत रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है I मैं कामना करता हूं कि आने वाली कई शताब्दियों तक यह संस्था अविरल रूप से राष्ट्र निर्माण व अखंड भारत के स्वप्न को साकार करने की और सदा अग्रसर रहेगी I


 





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